Tuesday, March 14, 2023

गीता का ज्ञान- Devotional Story

 

गीता का ज्ञान

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में गीता ज्ञान दाता प्रभु कह रहे हैं कि अर्जुन तू सर्व भाव से उस परमेश्वर की शरण में जा जिसकी कृपा से परम शांति एवं सनातन परमधाम को प्राप्त होगा। वह परमात्मा कौन है। वह परमात्मा कबीर देव हैं ?

नहीं वो परमात्मा संत कबीर तो बिल्कुल नहीं हैं। श्री कृष्ण स्वयं ही परमात्मा है। आपने अगर कभी किसी अभिनेता का इंटरव्यू देखा हो तो कई बार जो एक्टर होता है वो अपनी फिल्म की बात करते समय अपने character की बात करता है। अगर कोई एक्टर बोले कि फिल्म का हीरो ऊँची छलांग लगेगा या वो ये बोले कि फिल्म में मैं ऊँची छलांग लगूँगा, ये एक ही बात है।

उसी प्रकार श्रीमद्भगवद्गीता में श्री कृष्ण कहें कि मेरी शरण में आ या कहे कि उस परमात्मा की शरण में जा वो एक ही बात है, कोई अंतर नहीं है। गीता में कृष्ण ने अर्जुन से कई बार कहा है कि मेरी शरण में आ। गीता का ज्ञान देने वाले परमात्मा हरि हैं, जब हरि स्वयं अर्जुन के सारथी बनकर उन्हें गीता का ज्ञान देते हैं तो वहाँ कोई उनके शरीर में आकर गीता नहीं सुनाता, गीता में जो नारायण बोलते हैं, वे स्वयं ही बोलते हैं। और उन्होंने कई बार गीता में कहा कि मैं वासुदेव स्वयं परमात्मा हूँ।

तो सवाल ही नहीं उठता कि भगवद्गीता में कबीर को परमात्मा कहा गया हो, परमात्मा मुख्य रूप से 5 रूपों में विराजमान हैं, उनमें से एक नारायण हैं, इसलिए श्री कृष्ण ही वो परमात्मा हैं जिन्होंने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया और उनका सनातन परमधाम वैकुंठ है।

तो जी नहीं, परमात्मा कबीर नहीं हैं, कृष्ण हैं

कृष्णस्तु भगवान स्वयं 🙏🏼🙏🏼🙏🏼

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